नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, नवजात शिशुओं के सिर की त्वचा (स्कैल्प) और बाल उनकी त्वचा की तरह ही नाजुक होते हैं और उन पर भी उतना ही ध्यान देने की जरूरत है। विशेषज्ञों ने आपके बच्चे के स्कैल्प और बालों को स्वस्थ रखने के लिए महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए हैं।
शिशुओं के बढ़ते दिनों में सही तरह से देखभाल और एक विशिष्ट हेयर केयर रूटीन का चयन करने से काफी घने, मुलायम और स्वस्थ बाल पाने में मदद मिलेगी।
द हिमालया ड्रग कंपनी में आरएंडडी, आयुर्वेद विशेषज्ञ डॉ. प्रतिभा बाबशेट ने एक बयान में कहा, तेल लगाना (ओइलिंग) स्वस्थ बालों के विकास को सुनिश्चित करने के लिए पहला कदम है। अधिकांश बच्चे सूखी सिर की त्वचा, रूसी और बालों के कम विकसित के लिए उम्मुख होते हैं, जिसे दैनिक तौर पर तेल की मालिश से रोका (मैनेज) जा सकता है।
उन्होंने कहा, हमेशा उन उत्पादों का चयन करना उचित होता है, जिनमें प्राकृतिक तत्व होते हैं और जो बच्चे के बालों के लिए सुरक्षित और कोमल होने के लिए जाने जाते हैं।
सही बालों के तेल (हेयर ऑयल) का चयन करते समय, ऐसे उत्पाद का उपयोग करें, जो कोमल, सुरक्षित और वैज्ञानिक रूप से शोधित हों और खनिज तेल, अल्कोहल, पैराबेन, सिंथेटिक रंग और फेथलेट्स से मुक्त हों।
डॉ. प्रतिभा ने सलाह देते हुए कहा, आंवला, गोटू कोला, मेथी, भृंगराज, और नारियल, बादाम, जैतून और तिल जैसे तत्वों वाले तेल से एक बेबी हेयर ऑयल स्कैल्प को मॉइस्चराइज करने, सूखेपन को रोकने, बालों को पोषण देने और मुलायम एवं स्वस्थ बनाने में मदद करता है।
हेयर ऑयल में आंवला बालों को मजबूत बनाने और बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है। वहीं गोटू कोला बालों के घनत्व को सुधारने में मदद करता है, भृंगराज बालों को मजबूत और काला करने में मदद करता है और मेथी बालों के झड़ने को रोकने और बालों को मजबूत और मॉइस्चराइज करने में मदद करती है।
नारियल के तेल की भी कई खासियतें हैं। यह स्कैल्प को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है, सूखेपन को रोकता है और स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा देता है। बादाम का तेल बालों को चमकदार और मुलायम बनाने में मदद करता है, जैतून का तेल बालों को रेशमी और चमकदार बनाए रखने में मदद करता है और तिल का तेल बालों को पोषण देने में मदद करता है।
रक्त परिसंचरण (ब्लड सकुर्लेशन) में सुधार और बाल की ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए नियमित रूप से अपने बच्चे के सिर की मालिश करें। एक नरम तौलिये का उपयोग करें और धीरे से बालों को सुखाएं; इससे बालों के टूटने को रोका जा सकेगा।
डॉ. प्रतिभा ने कहा, आपके बच्चे के बाल और खोपड़ी की त्वचा प्रारंभिक महीनों के दौरान संवेदनशील होती हैं, जिससे वो एलर्जी और जलन की चपेट में आ जाते हैं। इसलिए, कोशिश करें और शरीर एवं बालों के लिए एक ही तेल का उपयोग करने से बचें।
एकेके/एएनएम
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RACHNA SAROVAR
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