नई दिल्ली, 24 अक्टूबर (आईएएनएस) कलाकारों ने दशहरे से पहले बुराई पर अच्छाई की जीत से जुड़ी अपनी पसंदीदा फिल्मों को साझा किया है।
दिग्गज अभिनेत्री हिमानी शिवपुरी के लिए ऐसी फिल्म साल 1998 में आई सलमान खान स्टारर बंधन है।
उन्होंने कहा, बंधन मेरी पसंदीदा फिल्मों में से एक है। यह एक ऐसी फिल्म है, जो इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि सच की हमेशा जीत होती है। उन सभी लोगों के लिए जिन्होंने यह फिल्म नहीं देखी है, कहानी यह था कि जैकी श्रॉफ द्वारा निभाया किरदार स्वार्थी उद्देश्यों और पुनर्विवाह का शिकार कैसे होता है। इसके चलते वह अपनी पूर्व पत्नी और अपने बहनोई के साथ अपने संबंधों को खराब कर देता है। उन्हें बहुत बाद में रिश्तों के महत्व और गलतियों के बारे में पता चलता है।
अभिनेत्री ने आगे कहा, दशहरे के इस त्योहारी सीजन के दौरान यह फिल्म पापी या गलत विचारों और क्रोध का शिकार न होने के लिए एक प्रेरित करता है, इसके बजाय लोगों में अच्छाई की तलाश करें, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए।
अभिनेता-निर्माता तुषार कपूर ने अक्षय कुमार अभिनीत अपनी आगामी फिल्म लक्ष्मी बॉम्ब को चुना।
उन्होंने आईएएनएस से कहा, मैं अभी बुराई पर अच्छाई जीत के बारे में किसी और फिल्म के बारे में नहीं सोच सकता, लेकिन हां लक्ष्मी बॉम्ब ऐसी फिल्म है। यह एक खास फिल्म है, क्योंकि यह बुराई पर अच्छाई की जीत के बारे में एक फिल्म है, भारतीय मूल्यों के साथ बनी इस फिल्म में कुछ ऐसा है जिससे हर कोई जुड़ेगा, कुछ ऐसा जो आपको सबक सिखाएगा, कुछ ऐसा जो प्रेरित करेगा।
हरलीन सेठी ने रंग दे बसंती को अपना पसंदीदा बताया।
उन्होंने कहा, रंग दे बसंती कभी पुरानी नहीं होगी। यह युवाओं को अन्याय के खिलाफ उठने के लिए प्रोत्साहित करता है, देशभक्ति की भावना जगाता है, और नैतिक और राजनीतिक भ्रष्टाचार के खिलाफ सामूहिक अखंडता दिखाता है। यह आपको सोचने के लिए मजबूर करता है कि अन्याय होने देना भी अन्याय का एक रूप है।
अभिनेता हितेन तेजवानी के लिए यह क्लासिक हॉलीवुड फिल्म द लायन किंग है।
अभिनेता ने कहा, मुझे द लायन किंग बहुत पसंद है, किस तरह सिम्बा चला जाता है और बाद में वापस आता है, और राजा बन जाता है, यह चीज मुझे बहुत अच्छी लगी।
अभिनेत्री ग्रेसी सिंह ने बुराई पर अच्छाई की जीत के लिए साल 2001 की ब्लॉकबस्टर रिलीज लगान को चुना।
अभिनेत्री ने कहा, फिल्म वास्तव में इस विषय को जीवंत करती है कि बुराई पर अच्छाई की जीत कितनी प्यारी है। भारी करों और कई वर्षों के सूखे से परेशान चंपानेर के किसान एक साथ क्रिकेट के खेल पर ब्रिटिश सेना को चुनौती देने के लिए आते हैं, ताकि वे उन पर लगे लगान (कर) को रोकें। उनकी मेहनत और ईमानदारी आखिर में रंग लाती है। फिल्म ने यही संदेश दिया है।
अभिनेत्री शमीन मन्नान के लिए ऐसी फिल्म मर्दानी 2 है, जिसमें रानी मुखर्जी को पुलिस अवतार में देखा गया।
उन्होंने कहा, जिस तरह से रानी सीरियल रेपिस्ट को न सिर्फ गिरफ्तार करती है, बल्कि उसे बहुत पीटती हैं, वह आश्चर्यजनक है। जब भी मैं उस फिल्म को देखती हूं, तो मेरे रोए खड़े हो जाते हैं और जिस तरह से रानी के किरदार एसपी शिवानी साक्षात्कार में बताती है कि सभी महिलाओं को क्या करना है और पुरुषों की तुलना महिलाओं से क्यों नहीं होनी चाहिए, वह उत्कृष्ट है। इस तरह के प्रदर्शन ने बाकी सभी को हरा दिया। बेशक नेगेटिव लीड ने भी अच्छा काम किया है, हमें इस तरह की और फिल्में चाहिए।
अभिनेत्री सबा सौदागर उनसे सहमत हैं। उन्होंने कहा मुझे मर्दानी बेहद पसंद है, इसका कारण यह है कि मुझे यह बहुत वास्तविक और गैर-फिल्मी लगती है। मदार्नी का बुरा हिस्सा उस समाज को दर्शाता है जिसमें हम रहते हैं और अच्छा हिस्सा उस समाज को भी दर्शाता है, जिसे हम जीते हैं, लेकिन हम इसे हल्के में लेते हैं। मर्दानी 2 का आखिरी ²श्य, जहां रानी एक घर के बाहर दोषी को पीटती है और उनके पीछे देवी की मूर्ति है, इस ²श्य ने मेरे रोए खड़े कर दिए।
अभिनेत्री पूजा बनर्जी के लिए ऐसी फिल्म विद्या बालन अभिनीत कहानी है।
उन्होंने कहा, इसकी कहानी शानदार है, शानदार पटकथा, पावर-पैक प्रदर्शन और बैकग्राउंड विषय के रूप में दुर्गा पूजा है। यह एक फिल्म के रूप में मेरे लिए सबसे अच्छा था, जो बुराई पर अच्छाई की जीत को दर्शाता है। साथ ही कुछ पुरुषों ने महिलाओं, विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं, इसकी वास्तविकता को देखकर वाकई दिल दहल जाता है। यह वास्तव में मेरे लिए सबसे प्रभावशाली फिल्म थी।
एमएनएस/वीएवी
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Source From
RACHNA SAROVAR
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