मुंबई, 22 अगस्त (आईएएनएस)। व्यवसायी नीलोत्पल मृणाल दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के चचेरे भाई व भाजपा विधायक नीरज कुमार बबलू के करीबी मित्र हैं।
जब सुशांत के पिता और परिवार के सदस्य दिवंगत अभिनेता के अंतिम संस्कार के लिए मुंबई पहुंचे थे, तो मृणाल उन्हें लेने के लिए वहां मौजूद थे , लेकिन उन्हें इस बात का अफसोस है कि पहली बार जब वास्तव में सुशांत को उन्होंने देखा, तब वह उन चार लोगों में से थे, जिन्हें एंबुलेंस से श्मशान घाट ले जाने के दौरान दिवंगत अभिनेता के पार्थिव शरीर को कंधा देना पड़ा था।
मृणाल ने डिप्रेशन (अवसाद) की बात को और सुशांत की आत्महत्या की बात को खारिज कर दिया और उन्हें विश्वास है कि सीबीआई जांच सभी सच्चाई को सामने ले आएगी।
मृणाल ने आईएएनएस से कहा, यह डिप्रेशन थिअरी जरूर कहीं से आया होगा। उनके पास नई फिल्म के प्रस्ताव आ रहे थे, जो उनके कॉल रिकॉर्ड से स्पष्ट है। वर्तमान में कोविड स्थिति के कारण, लोगों को व्यापार में नुकसान उठाना पड़ रहा है, नौकरी खोना पड़ रहा है और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण वे निराश महसूस कर रहे हैं, लेकिन क्या इसका मतलब है कि वे सभी डिप्रेशन में हैं?
मृणाल ने कहा, डिप्रेशन कुछ अलग है। लोगों को इस अंतर को समझना चाहिए। मुझे लगता है कि डिप्रेश्न और ये सब बस थिअरी हैं जो उनके बारे में (सुशांत)आ रहे हैं। अगर वह सच में डिप्रेशन में थे तो छिछोरे जैसी फिल्म नहीं दे सकते थे।
इसके उलट मृणाल ने जोर देकर कहा कि सुशांत के पास उच्च स्तर की आत्म-प्रेरणा थी। उन्होंने कहा, एक शख्स जो एक छोटे शहर से आता है और फिर 14 से 15 वर्षों में फिल्म उद्योग में अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करता है, क्या वह इतनी आसानी से हार मान लेगा? जब एक मध्यम वर्गीय परिवार का शख्स जीवन में कुछ बड़ा हासिल करता है, तो आम तौर पर इस तरह के लोगों के पास उच्च स्तर की आत्म-प्रेरणा होती है। चाहे वे कितनी भी परेशानी का सामना करें, वे इतनी आसानी से टूटते नहीं हैं।
उन्होंने कहा, इसके अलावा, ऐसा नहीं है कि उनके पास बैंक बैलेंस नहीं था। उनके पास सब कुछ था। वास्तविकता क्या है, वास्तव में उस दिन क्या हुआ था, मुझे लगता है कि सीबीआई को यह पता लगाने देना बेहतर है। सीबीआई बहुत सक्षम है।
यह पूछे जाने पर कि सुशांत की मौत को दो महीने से अधिक का समय हो गया तो ऐसे में क्या सीबीआई जांच में थोड़ी देरी हुई है तो उन्होंने कहा, देर आए, दुरुस्त आए। मृणाल ने कहा कि हम सभी जानना चाहते हैं कि वास्तव में क्या हुआ है। मुझे नहीं लगता कि बहुत देर हो चुकी है क्योंकि कॉल रिकॉर्ड और अकाउंट डिटेल जैसी कुछ चीजों में हेरफेर नहीं किया जा सकता है। अगर थोड़ी देर हुई है तो कोई बात नहीं लेकिन न्याय मिलनी चाहिए।
सुशांत के लिए न्याय के अभियान में अधिक लोगों का समर्थन हासिल करने के प्रयास के रूप में, मृणाल ने एक संगीत वीडियो, इंसाफ ये एक सवाल है का निर्माण किया है। गीत दिवंगत अभिनेता के लिए एक संगीतमय श्रद्धांजलि है।
मृणाल ने कहा कि यह गीत न्याय पाने के लिए एक विरोध है।
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Source From
RACHNA SAROVAR
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