मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की भांजी मल्लिका सिंह ने ट्रोलर्स से अभिनेता के परिवार के खिलाफ कैम्पेन बंद करने को कहा है।
सुशांत 14 जून को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर मृत पाए गए थे। लेकिन, दिवंगत अभिनेता की बहन मीतू सिंह ने घटना के कई दिन बाद इस महीने की शुरुआत में इंस्टाग्राम पर अभिनेता के साथ की एक तस्वीर पोस्ट की।
जल्द ही कुछ इंस्टाग्राम यूजर्स ने उन्हें निशाने पर लेकर पूछना शुरू कर दिया कि उन्होंने पहले तस्वीर क्यों नहीं पोस्ट की थी। अब मल्लिका ने अपनी मौसी की पोस्ट के कमेंट सेक्शन में एक नोट पोस्ट किया है।
उन्होंने चार पॉइंट के साथ स्पष्टीकरण देते हुए लिखा :
1. अगर आप मनोविज्ञान की पढ़ाई करते हैं (मैं विश्वविद्यालय में मनोविज्ञान में माइनरिंग कर रही हूं) तो आपको पता चलेगा कि किसी सदमे से आप भावनात्मक रूप से सुन्न पड़ जाते हैं। आप अस्थायी रूप से भावनाओं को महसूस करना बंद कर सकते हैं। उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया कि ऐसा कुछ हुआ भी है। वह हमारे परिवार से इस बुरी खबर को सुनने वाली पहली महिला थीं।
2. उनके वकील द्वारा उनसे मामले में थोड़े समय के लिए ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देने के लिए कहा गया था और यह देखने के लिए कहा गया था कि जांच किस तरह से चल रही है। वह जब पहुंची थीं तो बेहोश हो गई थीं। मेरे मामू (एसएसआर) के अपार्टमेंट में बहुत सारे कीमती सामान थे। उन्हें सतर्क रहने को कहा गया था।
3. वह वो शख्स हैं जिन्होंने मेरे मामू जब छोटे थे तो उन्हें मोटरबाइक चलाना और क्रिकेट खेलना सिखाया था। मेरी मीतू मासी में मुश्किल घड़ी में बहादुर बने रहने की क्षमता है। वह सभी भाई-बहनों में सबसे मजबूत हैं। उस समय, हमें नहीं पता था कि क्या चल रहा है, हमने अधिकारियों पर यह जानने के लिए भरोसा किया कि क्या करना है, जैसे लोकतंत्र में कोई भी व्यक्ति करेगा। वह फोन पर अपनी बेटी को समझा रही थीं क्योंकि मेरी कजिन का रोना बंद नहीं हो रहा था। वह अपनी और हमारी खातिर, मजबूत रहने की कोशिश कर रही थीं। वह उस तरह की महिला हैं जो हमेशा दूसरे लोगों की चिंता करती हैं और अपनी भावनाओं की पूरी तरह से उपेक्षा करती हैं। वह अपने बालों को ठीक कर रही थीं क्योंकि यह उनकी आंखों पर पड़ रहा था, और कैमरों की चमक उन्हें परेशान कर रही थी। हम मीडिया अटेंशन पाने के आदि नहीं हैं।
4. परिवार को नहीं पता कि संदीप सिंह कौन हैं। मीतू मासी पार्थिव शरीर को देखने के बाद बेहोश हो गई, इसलिए किसी को यह सुनिश्चित करना पड़ा कि वह ठीक से चल सकें और वह बस वहीं मौजूद थे। मैं दोहराती हूं कि वह संदीप सिंह को नहीं जानतीं। मेरी मासी की ओर कोई भी उंगली उठाना गलत है क्योंकि यह मेरे नाना-नानी की परवरिश पर गलत उंगली उठाने जैसा है। भाई-बहनों के बीच गहरे संबंध रहे हैं। वे एक दूसरे से प्यार करते थे और मैंने इसे बड़े होने के साथ देखा है। मेरे मामू की बड़ी बहनों ने नानी के जाने के बाद उन्हें लाड-प्यार दिया और मेरी मीतू मासी सबसे मजबूत रहीं। कृपया परिवार के खिलाफ इस तरह के गलत अभियान को रोकें।
वीएवी/एसएसए
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Source From
RACHNA SAROVAR
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