मुंबई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। शक्तिमान और महाभारत जैसे लोकप्रिय सीरियल समेत कई फिल्मों का हिस्सा रहे अभिनेता मुकेश खन्ना ने दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के लिए न्याय की मांग की है।
शक्तिमान के तौर पर पहचाने जाने वाले खन्ना ने कुछ टीवी बहस में दावा किया है कि अतीत में बॉलीवुड में कई हत्याएं हुईं, जिन्हें आत्महत्या के तौर पर घोषित किया गया।
महाभारत में भीष्म पितामह की भूमिका को लेकर मशहूर हुए अभिनेता की इस टिप्पणी को कुछ लोगों ने यह कहकर खारिज भी किया है कि यह व्यक्ति कुछ ज्यादा ही जानता है।
अब खन्ना के बयान पर कार्रवाई का एक संभावित मामला बन गया है। मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह को इस संबंध में एक पत्र लिखा गया है, जिसमें यह मांग की गई है कि पुलिस को ऐसी सभी बॉलीवुड आत्महत्याओं की फिर से जांच करनी चाहिए, जो पिछले 50 वर्षों में संभावित हत्याएं हो सकती हैं।
शिवसेना नेता और वसंतराव नाइक शेट्टी स्वावलंबन मिशन (वीएनएसएसएम) के अध्यक्ष किशोर तिवारी, जिन्हें राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया है, ने जनहित में खन्ना के आरोपों की गहन जांच के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है।
तिवारी ने आईएएनएस से कहा, रिपब्लिक टीवी पर 13 अगस्त को एक बहस के दौरान खन्ना ने संपादक अर्नब गोस्वामी, उज्जवल निकम, भाजपा नेता संबित पात्रा की उपस्थिति में आश्चर्यजनक बयान दिया। किसी ने भी उनसे इस तरह के गंभीर मुद्दे पर कोई सवाल नहीं किया। उन्होंने बाद में कम से कम एक अन्य चैनल पर भी इस बात को दोहराया और अन्य लोगों ने इसे प्रमुखता से लिया है।
तिवारी ने मुंबई पुलिस आयुक्त सिंह से एक विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने को कहा है और खन्ना की टीवी पर की गई टिप्पणियों की जांच करने का आग्रह किया है। खन्ना ने बहस के दौरान कथित तौर पर कहा था, बॉलीवुड में हत्याओं के कई अपराध दबा दिए जाते हैं और सुशांत सिंह राजपूत मामले की तरह आत्महत्या के मामलों में बदल दिए जाते हैं।
महाराष्ट्र के गृह विभाग के सूत्रों ने संकेत दिया कि कम से कम दो टीवी चैनलों पर खन्ना के आरोपों की गंभीरता को देखते हुए सरकार पुलिस महानिदेशक से इस पर एक रिपोर्ट मांगेगी।
एक अधिकारी ने कहा, अगर उन्हें या किसी को भी हत्या को आत्महत्या में बदलने जैसी चीजों का पता है, जैसा कि टीवी की बहसों में कहा गया है, तो उन्हें यह बात पुलिस और अदालतों के सामने साझा करनी चाहिए।
तिवारी ने यह भी कहा कि बहुत गंभीर अपराध के बारे में अगर जानकारी है तो पुलिस को इसकी छानबीन के लिए खन्ना, गोस्वामी और पात्रा को तुरंत समन भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर खन्ना के बयान फर्जी या झूठे साबित होते हैं, तो उनके साथ ही गोस्वामी और पात्रा जैसे अन्य लोगों को आपराधिक कार्रवाई का सामना करना चाहिए और प्रत्येक पर 100 करोड़ रुपये का जुर्माना लगना चाहिए।
एकेके/एसएसए
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RACHNA SAROVAR
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